International Research journal of Management Sociology & Humanities
( ISSN 2277 - 9809 (online) ISSN 2348 - 9359 (Print) ) New DOI : 10.32804/IRJMSH
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भीष्म साहनी के नाटक 'मुआवज़े' में सामाजिक विसंगतियाँ
1 Author(s): DR. NAMITA JAISWAL
Vol - 7, Issue- 10 , Page(s) : 292 - 297 (2016 ) DOI : https://doi.org/10.32804/IRJMSH
स्वातंत्र्योत्तर हिंदी नाटकों का विकास नये उल्लास के साथए नयी नाट्य. भाषा और नये रंगमंच की खोज का संकल्प लेकर सामने आता है। समसामयिक बोध से भरपूर इन नाटकों में अपने समाज की ज्वलंत समस्याओं से जूझने और उससे अपने पाठकों एवं दर्शकों तक संप्रेषित करने की ललक दिखायी देती है।