International Research journal of Management Sociology & Humanities
( ISSN 2277 - 9809 (online) ISSN 2348 - 9359 (Print) ) New DOI : 10.32804/IRJMSH
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हरियाणा के रेवाड़ी जिले का बिगड़ता भू-जल स्तर व गिरती गुणवत्ता का अध्ययन
1 Author(s): SEEMA KUMARI
Vol - 6, Issue- 10 , Page(s) : 68 - 80 (2015 ) DOI : https://doi.org/10.32804/IRJMSH
जल ही जीवन है। जल मानवीय गतिविधियों का आधार है। यह राष्ट्र निर्माण में अहम् भूमिका निभाता है। यद्यपि जल एक चक्रीय संसाधन है परन्तु इसके अत्यधिक दोहन ने इसकी शुðता व अस्तित्व को गंभीर विषय बना दिया। इसलिए जल का प्रबंधन, सतत् पोषण, पुनर्भरण व सदुपयोग सुनिष्चित करना आवष्यक हो गया है। हरियाणा एक कृषि प्रधान राज्य है। यहाँ कृषि सिंचाई आधारित होती है। जल की अधिकांष मात्रा सिंचाई में प्रयोग की जाती है। हरियाणा के दक्षिण भाग में स्थित रेवाड़ी जिले की अर्थव्यवस्था भी कृषि पर टिकी है। रेवाड़ी के जल स्त्रोतों में भूमिगत जल मुख्य संसाधन है। यहाँ घरेलू कार्यों, कृषि, पशुपालन तथा उद्योगों हेतु भूमिगत जल का उपयोग हो रहा है। जिसके अत्यधिक दोहन से भूमिगत जल स्तर की गहराई बढ़ती ही जा रही है। रेवाड़ी में भूमिगत जल स्तर 20.80 मीटर (2011 के अनुसार) है जो तेजी से बढ़ रहा है।